An introduction to Geography / भूगोल एक परिचय

भूगोल की शाखाएँ

भूगोल / Introduction to Geography

  • भूगोल = Geography: ज्योग्राफी यूनानी भाषा के Ge तथा Grapho से मिलकर बना हैंं जिसका अर्थ Ge = ‘पृथ्वी’ और Grapho = ‘वर्णन करना’ हैंं.
  • यूनानी हिकेटियस ने अपनी पुस्तक ‘जस पीरियोड्स‘ (जिसका अर्थ पृथ्वी का वर्णन हैं) में सर्वप्रथम भौगोलिक तत्वों का वर्णन प्रस्तुत किया था.
  • हिकेटियस को भूगोल का जनक (Father of Geography) कहते हैं
  • पृथ्वी के वर्णन के लिए Geography शब्द का सर्वप्रथम उपयोग इरेटॉस्थेनीज ने किया था.

परिभाषा:

  • मोंकहाउस – भूगोल पृथ्वी तल का उसकी क्षेत्रीय भिन्नता के साथ मानवीय निवास के रुप में अध्ययन हैं.
  • एकरमैन – भूगोल वह विज्ञान हैं जो पृथ्वीवी तल पर समस्त मानव जाति और उसके प्राकृतिक वातावरण की पारस्परिक क्रियाशील विस्तृतृत प्रणाली का अध्ययन करता हैं.
  • रिचार्ड हार्टशोर्न – भूगोल का उदेश्य धरातल की प्रादेशिक / क्षेत्रीय भिन्नता का वर्णन एवं व्याख्या करना है.
  • क्लाडियस टॉलमी – भूगोल पृथ्वी कि झलक को स्वर्ग में देखने वाला आभामय विज्ञान हैं.
  • स्ट्रैबो – भूगोल एक एसा स्वतंत्र विषय है, जिसका उद्देश्य लोगों को इस विश्व का, आकाशीय पिण्डो का, स्थल, माहासागर, जीव-जन्तुओं, वनस्पतियों, फलों तथा भूधरातल के क्षेत्रों मे देखी जाने वाली प्रत्येक अन्य वस्तु का ज्ञान प्राप्त कराना हैं.

ब्रह्मांड

  • सर्वप्रथम टॉलेमी ने 140 ई. में ब्रह्मांड का अध्ययन कर भूकेन्द्री सिद्धांंत का प्रतिपादन किया और बताया कि ब्रह्मांड के केन्द्र में पृथ्वी है तथा सूर्य और अन्य ग्रह पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं.
  • पोलेण्ड के कोपरनिक्स ने 1543 ई. मेंं सूर्यकेन्द्री सिद्धांत का प्रतिपादन किया और बताया कि सूर्य ब्रह्मांड के केन्द्र में हैं. – कोपरनिक्स को आधुनिक खगोलकी का जनक (Father of Modern Astronomy) कहते हैंं.

यह भी देखें: भारत और विश्व की महत्वपूर्ण सीमा रेखाएँ

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